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श्री भगवद् गीता चेरीटेबल ट्रस्टसेवा और सहकार

हमारे बारे में

श्री भगवद् गीता चेरीटेबल ट्रस्ट का उद्देश्य केवल सहायता करना नहीं है। हम चाहते हैं कि हर ज़रूरतमंद व्यक्ति को सम्मान से जीने के लिए सहयोग, अवसर और आत्मनिर्भरता की राह मिले।

सेवा कार्य में लगी गीता बहनें
सहायता से आगे बढ़कर, आत्मनिर्भरता की ओर।

हमारी कहानी

यह सब एक नाम से शुरू हुआ। गीता, जो सिर्फ़ एक नाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक राह है। हमने सोचा, अगर गीता नाम की बहनें एक साथ आ जाएँ, तो कितनी बड़ी सेवा हो सकती है।

आज हज़ारों गीता बहनें इस परिवार का हिस्सा हैं। गाँव से लेकर शहर तक, हर बहन अपने तरीके से सेवा में योगदान देती है। कोई भोजन बनाती है, कोई बच्चों को पढ़ाती है, कोई अस्पताल में मरीज़ों का हाथ थामती है।

हमारा विश्वास है कि सेवा से समाज बदलता है और साथ से बहनें मज़बूत होती हैं।

हमारा विज़न

हज़ारों गीता बहनों को एक मंच पर जोड़कर सेवा, महिला सशक्तिकरण, रोज़गार और सामाजिक सहभागिता का मज़बूत नेटवर्क बनाना।

हमारा मिशन

वृद्धों, बच्चों, मरीज़ों, ज़रूरतमंद परिवारों और महिलाओं के लिए निरंतर सेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना।

हमारे मूल्य

सेवा
बिना किसी भेदभाव के, जहाँ ज़रूरत हो वहाँ मदद।
संस्कार
गीता के मूल्यों को जीवन में उतारना।
स्वावलंबन
मदद ऐसी जो व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा करे।

विश्व रिकॉर्ड

गीता बहनों की एकता ने एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि हज़ारों बहनों की एकता, विश्वास और संकल्प का प्रतिबिंब है।

प्रमाणपत्र और विवरण जल्द जोड़ा जाएगा।

संदेश: राजकोट सम्मेलन में 1100 गीता बहनें